Monday, June 8, 2026
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उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी के कुशल नेत्रत्व में UCC उत्तराखण्ड के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित 

देहरादून : 27 जनवरी 2026 को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने का एक वर्ष पूरा हो गया है, जिसे सरकार एक “स्वर्णिम अध्याय” बता रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेत्रत्व में UCC से विवाह पंजीकरण में 24 गुना बढ़ोतरी हुई है और राज्य में हलाला या बहुविवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया है, जिससे सामाजिक समानता व महिलाओं के अधिकारों को मजबूती मिली है।

प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इसे समानता का वो प्रमाणित मॉड्यूल बताया जो देश में समान कानून का आधार बनेगा। वहीं देश में धामी सरकार की प्रशंसा और विदेशी नकारत्मक एजेंसियों की आलोचना बताती है कि हम सही रास्ते पर हैं।

प्रदेश के लोगों को समान नागरिक कानून का संरक्षण देना, हमारी पार्टी के चुनावी वादों में प्रमुख था। यह वह विषय है जो भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के उद्देश्यों में शामिल है। पीएम मोदी की मार्गदर्शन में सीएम धामी ने देवभूमि को यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बनने का गौरवशाली अवसर दिया है। जनता के सहयोग से इस कानून ने आज वो शुरुआती 1 वर्ष का सफर, सफलता से पूरा किया है। जिसकी उपयोगिता पर देश के अन्य राज्यों की उम्मीदें और विपक्ष की राजनीति टिकी थी।

उन्होंने कहा, आज हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि सवा करोड़ देवभूमिवासी इस यूसीसी के संरक्षण में समान कानूनी लाभ प्राप्त कर रहे हैं। जब से यह कानून अस्तित्व में आया है विवाह पंजीकरण की संख्या 200 गुणा तक बढ़ गई है। हम उस दिशा में बढ़ रहे हैं कि कोई भी चोरी छिपे या धोखे से शादी कर प्रदेश में नहीं रह सकता है। इसी तरह मुस्लिम समुदाय की तीन तलाक हलाला जैसी को प्रथा पर लगभग शत प्रतिशत रोक लगाने में हम सफल हुए हैं। इस कानून ने महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रदेश को नए मुकाम पर ले जाने का काम किया है।

हमने इस कानून के माध्यम से सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह, विवाह-विच्छेद एवं उत्तराधिकार आदि से संबंधित नियमों को एक समान किया गया है। संपत्ति के बंटवारे और बाल अधिकारों के विषय में भी स्पष्ट कानून बनने से जनसुविधा इस मुद्दे पर बढ़ी है। इससे धर्म के आधार पर कानूनी भेदभाव एवं पेचीदगियां पूरी तरह समाप्त हो गई हैं।

वहीं यूसीसी ने संविधान रचयिता भारत रत्न डाक्टर आंबेडकर की भावनाओं के अनुरूप में राज्य में समान कानून का स्वरूप स्थापित किया है। जो ऐतिहासिक, साहसिक निर्णय से आगे बढ़ते हुए, अन्य राज्यों के लिए एक परिपक्व मॉड्यूल का काम करेगा। क्योंकि इससे पूर्व कई राज्यों ने हमारी पहल को नजीर मानते हुए अपने अपने यहां कमेटियां बनाई हुई हैं। देवभूमि में इस कानून को लागू करने के बाद आए सामने आए परिणाम और अनुभव अन्य प्रदेशों के लिए बहुत लाभकारी साबित होने वाले हैं

उन्होंने कहा, यूसीसी को लागू करना और उसके सफल एकवर्ष प्रदेश के लिए वो उपलब्धि है, जो हमेशा हमेशा के लिए इतिहास का स्वरूप ले चुकी है। वहीं विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में देवभूमि से एकसमान कानून का ये संदेश समूचे भारत को एकसूत्र में अधिक मजबूत करेगा।

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