कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत का कलक्ट्रेट नैनीताल का किया वार्षिक निरीक्षण, लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) न्यायालय में खाद्य सुरक्षा अधिनियम, गुंडा नियंत्रण अधिनियम और स्टांप अधिनियम से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण की धीमी प्रगति पर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का नियमित रूप से निस्तारण किया जाए और आगामी दो माह के भीतर सभी लंबित वादों का निपटारा सुनिश्चित किया जाए। निर्धारित समय में प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने की चेतावनी भी दी गई।
आयुक्त ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
राजस्व अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान उन्होंने भूमि संबंधी नकल के आवेदनों का समय पर पंजीकरण और निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आवेदन प्राप्त होने के दिन ही पंजिका में दर्ज करने, कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की जाए।
आयुक्त ने निर्देश दिए कि दोनों अपर जिलाधिकारी प्रत्येक माह एक-एक बार राजस्व अभिलेखागार का निरीक्षण करेंगे। इसके लिए जिलाधिकारी को रोस्टर जारी करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही अभिलेखागार की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए प्रत्येक माह सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की समीक्षा करने को कहा गया।
शस्त्र और खनन अनुभाग के निरीक्षण में कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए आयुक्त ने सभी उपजिलाधिकारियों को हर माह गन हाउस का गहन निरीक्षण करने के निर्देश दिए। वहीं जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में लंबित मामलों के बेहतर निस्तारण पर उन्होंने संतोष जताते हुए इसी तरह की कार्यप्रणाली अपर जिलाधिकारियों को भी अपनाने की सलाह दी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, अपर जिलाधिकारी विवेक राय, सौरभ असवाल, उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अनिल शर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। इससे पहले कलक्ट्रेट पहुंचने पर जिलाधिकारी ने आयुक्त दीपक रावत का पुस्तक भेंट कर स्वागत किया, जबकि पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

