मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर निर्माण पर रोक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सख्ती के दिए निर्देश
मुख्य सचिव ने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों के तहत सेंट्रल स्ट्रीट की छह इमारतों को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए यात्रा सीजन समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित पक्षों के साथ आवश्यक समझौते की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा, ताकि कार्य शुरू करने में किसी तरह की देरी न हो।
उन्होंने संस्कृति मंत्रालय की ओर से कराए जा रहे विभिन्न कार्यों की भी जानकारी ली और जिलाधिकारी को इनकी लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर किसी भी तरह के निर्माण की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसके लिए तत्काल शासनादेश जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने विशेष रूप से भूस्खलन और हिमस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी एजेंसी को निर्माण की अनुमति नहीं देने को कहा। ऐसे क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों के दौरान सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बदरीनाथ में अस्पताल 15 दिन में शुरू करने की तैयारी
मुख्य सचिव ने बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के पहले और दूसरे चरण के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी करते हुए सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बदरीनाथ में निर्माणाधीन अस्पताल की प्रगति की भी जानकारी ली गई। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि अस्पताल को लगभग 15 दिन में शुरू करने की योजना है। मुख्य सचिव ने अस्पताल संचालन के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. विवेक पाण्डेय, सुरेंद्र मेहरा, मुख्य वन संरक्षक प्रसन्ना कुमार पात्रो, अपर सचिव विनीत कुमार, हिमांशु खुराना और अभिषेक रोहिला समेत संबंधित जिलों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।

