असम में बारिश बनी आफत, 24 घंटे में 10 लोगों की मौत
बुधवार शाम जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, असम के मुख्य सचिव रवि कोटा ने बाढ़ की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिलों की स्थिति पर चर्चा की गई। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा राहत, बचाव और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का भी आकलन किया गया।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के मुताबिक, राज्य के 11 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। हालात से निपटने के लिए सेना, वायु सेना, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। दूर-दराज के बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों तक जरूरी खाद्य सामग्री और दवाइयां पहुंचाने के लिए ड्रोन की भी मदद ली जा रही है।
इस बीच मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर समेत प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता जल्द पहुंचाने के निर्देश दिए और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने तथा स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।

