उत्तराखंड

नायकखेड़ा को मिलेगी नई पहचान, 85.23 करोड़ से होंगे बाढ़ सुरक्षा और पर्यटन विकास कार्य

चंपावत : कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने टनकपुर क्षेत्र के नायकखेड़ा में पारिस्थितिक गलियारा परियोजना के तहत निर्माणाधीन बाढ़ सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने किरोड़ा नाले का भी निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

मंत्री ने बताया कि नायकखेड़ा क्षेत्र लंबे समय से बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील रहा है। क्षेत्र को आपदा से सुरक्षित बनाने और बाढ़ के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से 85.23 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना का संचालन किया जा रहा है। परियोजना के तहत 3.7 किलोमीटर लंबी बाढ़ सुरक्षा दीवार तथा एक-एक हजार मीटर लंबी दो डायाफ्राम दीवारों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा आवागमन को सुगम बनाने के लिए 950 मीटर लंबी दो लेन सड़क का निर्माण भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की करीब 33.5 हेक्टेयर भूमि का पुनरुद्धार संभव हो सकेगा। साथ ही क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 30 एकड़ क्षेत्र में हरित क्षेत्र, भू-दृश्य विकास, साहसिक गतिविधियों के लिए क्षेत्र और आधुनिक नागरिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

महाराज ने कहा कि नायकखेड़ा में पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक खेल गतिविधियों की संभावनाओं को देखते हुए यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। बाढ़ सुरक्षा के साथ पर्यटन सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विकास से क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता सुभाष चंद्र पांडेय, अधीक्षण अभियंता एचसी सिंह, अधिशासी अभियंता आरडी भट्ट, अपर सहायक अभियंता राम नवीश सिंह राणा, सहायक अभियंता वैभव सिंघल, अपर सहायक अभियंता नीतू जोशी, विजय सिंह राणा और सतीश कुमार सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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