उत्तराखंड

वनाग्नि की घटनाओं ने वन विभाग की बढ़ाई चिंता , अधिकारियों ने क्रू स्टेशनों का किया निरीक्षण 

देहरादून : प्रदेश में बढ़ते तापमान और लगातार सामने आ रही वनाग्नि की घटनाओं ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इसी के मद्देनज़र विभाग ने अब सख्त रुख अपनाते हुए पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा है। इस कड़ी में मुख्य वन संरक्षक सीसीएफ गढ़वाल डॉ. धीरज पांडेय एवं वन संरक्षक सीएफ यमुना वृत नीतू लक्ष्मी ने मसूरी वन प्रभाग का औचक निरीक्षण कर जमीनी तैयारियों का विस्तृत आकलन किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रायपुर रेंज, मसूरी रेंज, केम्पटी रेंज तथा बधरीगाड रेंज के फायर क्रू स्टेशनों का निरीक्षण करते हुए उपकरणों, संसाधनों और मानवबल की उपलब्धता की गहन समीक्षा की। मौके पर मौजूद फायर गार्ड, बीट अधिकारी और स्टाफ से सीधे संवाद कर उनकी तत्परता, तकनीकी दक्षता और प्रतिक्रिया क्षमता को परखा गया। रिस्पॉन्स टाइम पर विशेष जोर दिया गया व मौके पर ही दिए निर्देश दिए गये।

सीसीएफ धीरज पांडेय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वनाग्नि की किसी भी सूचना पर तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शुरुआती कुछ मिनट ही आग को नियंत्रित करने में सबसे निर्णायक होते हैं, इसलिए हर क्रू स्टेशन पर चौबीसों घंटे तत्परता बनी रहनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान गढ़वाल चीफ ने दो टूक शब्दों में कहा कि जंगलों में आग लगाने या लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा। अधिकारियों ने बीट स्तर पर गश्त बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे क्षेत्रों की विशेष पहचान की जाए, जहां हर वर्ष वनाग्नि की घटनाएं अधिक होती हैं।

उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों और वन पंचायतों के सहयोग से जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया। साथ ही केम्पटी रेंज मे निर्मित कामन फैसिलिटी सेंटर का भी नीरिक्षण किया गया.। निरीक्षण के दौरान डीएफओ अमित कुंवर, उप प्रभागीय वनाधिकारी उदय नन्द गौड़ एवं दिनेश नौडियाल, कैम्पटी रेंज की वनक्षेत्राधिकारी अमिता थपलियाल, मसूरी रेंज अधिकारी महेंद्र चौहान, बदरीगाड रेंज अधिकारी गोविन्द सिंह चौहान सहित अन्य वन अधिकारी, वन दरोगा, बीट अधिकारी एवं फायर गार्ड मौजूद रहे।

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