कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान मामले में एफआईआर की मांग
कांग्रेस की शिकायत 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना और उसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बयानों को लेकर की गई है।
डॉ. जसविंदर सिंह ‘गोगी’ ने कहा कि यह मामला केवल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कथित अपमान का नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति समाज की भावनाओं, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंच का कथित शुद्धिकरण सामाजिक समरसता के विरुद्ध मानसिकता को दर्शाता है और इससे दलित समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
उन्होंने कहा कि यदि कानून सभी के लिए समान है तो इस प्रकरण में शामिल लोगों और कथित रूप से उन्हें संरक्षण देने वाले लोगों के खिलाफ एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 और 17 का उल्लेख करते हुए कहा कि समानता और अस्पृश्यता के उन्मूलन के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत किसी भी प्रकार के जातिगत अपमान या भेदभाव को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
महानगर कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी प्रदेशभर में लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन करेगी।
इस दौरान प्रदेश अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष सुलेमान अंसारी, प्रतिमा सिंह, शीशपाल बिष्ट, प्रीतम आर्य, सुनील जयसवाल, संजय कन्नौजिया, देवेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र पंवार, संजय उनियाल, मुकीम अहमद भूरा, इल्लाइस अंसारी, मुकेश सोनकर, अर्जुन पासी, अरुण शर्मा, गगन छाजर, आदर्श सूद, राजीव प्रजापति, अनूप कपूर, नीरू सिंह, दीपक गुप्ता, अमनदीप सिंह और पुष्पा पंवार समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

