IMC खुरपिया को औद्योगिक विकास का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी
बैठक में औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति और आधारभूत सुविधाओं के विकास की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में विकसित किए जा रहे IMC खुरपिया की प्रगति की जानकारी दी।
1,002 एकड़ भूमि पर कोई बाधा नहीं
मुख्यमंत्री ने बताया कि IMC खुरपिया के लिए निर्धारित 1,002 एकड़ भूमि NUITL के कब्जे में है और वर्तमान में परियोजना स्थल पर किसी तरह की बाधा नहीं है। इससे निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए EPC अनुबंध 20 मार्च 2026 को निष्पादित किया जा चुका है और निर्माण कार्य शुरू हो गया है। परियोजना के तहत 24.1 किलोमीटर राइट ऑफ वे (ROW) क्लियर कर EPC ठेकेदार को उपलब्ध करा दिया गया है।
सड़क और बिजली कनेक्टिविटी पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बड़े औद्योगिक क्लस्टर के लिए मजबूत सड़क कनेक्टिविटी और निर्बाध विद्युत आपूर्ति जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए IMC खुरपिया की बाह्य अवसंरचना के विकास पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
राज्य सरकार नागला-किच्छा SH-44 के करीब 10.7 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन करने के लिए आवश्यक कार्यवाही और समन्वय कर रही है। इसके अलावा परियोजना के लिए पर्याप्त और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए PITCUL की ओर से 400/220 केवी विद्युत उपकेंद्र के निर्माण की दिशा में कार्यवाही की जा रही है।
दिसंबर 2028 तक पूरा होगा ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर
मुख्यमंत्री ने कहा कि IMC खुरपिया के ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के प्रत्येक चरण की लगातार निगरानी करने और विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
धामी ने कहा कि IMC खुरपिया उत्तराखंड में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर पैदा करेगा। परियोजना के विकास से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने भारत सरकार तथा NICDIT/NICDC से जुड़े SPV से परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन में आवश्यक सहयोग और समन्वय की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से IMC खुरपिया को आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निवेश-अनुकूल औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पांडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

