उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने विश्वविद्यालयों को 5 वर्षीय रोडमैप तैयार करने के दिए निर्देश
देहरादून : मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप प्रदेश के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को पांच वर्षीय कार्ययोजना तैयार करने और गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को NAAC मान्यता और NIRF रैंकिंग प्राप्त करने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करनी होगी। उन्होंने राज्य के सभी 11 सरकारी विश्वविद्यालयों में मूल्यांकन एवं रैंकिंग का प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सभी सरकारी एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के लिए अगले 8 से 10 दिनों के भीतर राज्य स्तरीय रैंकिंग के मानक तैयार करने का लक्ष्य तय किया गया।
मुख्य सचिव ने छात्र-छात्राओं की प्रगति और रोजगार का आकलन करने के लिए ट्रेसिंग मैकेनिज्म विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों के साथ इंटर्नशिप को भी अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए तथा विश्वविद्यालय उद्योगों, गैर-सरकारी संगठनों और अन्य संस्थाओं के साथ समन्वय बढ़ाएं।
उन्होंने विश्वविद्यालयों में विदेशी भाषाओं के अध्ययन को बढ़ावा देने और कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता भी बताई।
बैठक में सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, अपर सचिव मनुज गोयल तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

