उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश, लाभार्थी को शीघ् मिले समस्त जनकल्याणकारी योजनाओ का लाभ, कोताही होने पर होगी कठोर कार्यवाही
लखनऊ /कोशाम्बी : उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, केशव प्रसाद मौर्य ने कौशांबी डायट मैदान में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया। पीएमएफएमई (PMFME) योजना के अंतर्गत उन्होंने कौशाम्बी, अयोध्या, बरेली एवं सहारनपुर में नवनिर्मित चार अत्याधुनिक कॉमन इनक्यूबेशन सेंटरों का भव्य उद्घाटन किया।
* मौर्य ने कहा की कौशांबी मेरा गृह जनपद है और इससे मेरा विशेष लगाव है।*

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा आज कौशाम्बी, अयोध्या, बरेली एवं सहारनपुर में नवनिर्मित चार अत्याधुनिक कॉमन इनक्यूबेशन सेंटरों का भव्य उद्घाटन किया जा रहा है परंतु यहाँ से इस योजना प्रथम चरण प्रारंभ हुआ है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर युवा ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बने। ये इन्क्यूबेशन सेन्टर्स केवल ईंट-पत्थर की इमारतें नहीं हैं, बल्कि ये प्रदेश के छोटे कारीगरों और उद्यमियों के सपनों को पंख देने वाले केंद्र हैं। खाद्य प्रसंस्करण और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) से जुड़ी महिलाओं को इन इन्क्यूबेशन सेन्टर्स के माध्यम से ट्रेनिंग और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे गाँवों में ही रोजगार के अवसर पैदा होंगे और पलायन कम होगा। अत्याधुनिक मशीनरी और तकनीकी सहायता,उत्पादों की उच्च गुणवत्ता वाली पैकेजिंग और ब्रांडिंग।
– कौशल विकास हेतु विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
– वन डिस्टिक वन उत्पात की तर्ज़ पर वन डिस्टिक वन व्यंजन को बढ़ावा दिया जाए।
*सरस हॉट में उप मुख्यमंत्री जी ने कहा कि*
– महिलाओं का प्रयास धरातल पर दिखायी दे रहा है।
– विभिन्न प्रकार की दुकानों वितरित सामान से ससक्त हो रहा है कौषाम्बी।
– अधिकारियों के प्रयास से महिलाएं आगे बढ रहीं है। उनका कार्य सराहनीय।
– सरस हॉट कौशाम्बी सराहनीय कार्य कर रहा है हम इसे अनय जनपदों में भी लागू करेंगे।

*ग्राम चैपाल में सम्बोधन*
आज हमारा उत्तर प्रदेश विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करना है। मैं आज इस मंच से जिलाधिकारी को स्पष्ट निर्देश देता हूँ कि हमारे वंचित दिव्यांगजन, विधवा माताओं और बहनों, जिन्हें अब तक मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उनकी तत्काल जाँच कर उन्हें पक्का आवास उपलब्ध कराया जाए। विधवा और वृद्धा पेंशन से जुड़ी हर समस्या का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
हमारा संकल्प है कि कोई भी निराश्रित व्यक्ति भूखा या असुरक्षित न रहे। इसीलिए, सभी निराश्रितों के राशन कार्ड बनाए जाएंगे और आयुष्मान योजना के तहत उनका शत-प्रतिशत पंजीकरण कर कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए, माननीय प्रधानमंत्री जी ने 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था की है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के 15 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए भी हमने ‘कैशलेस इलाज स्कीम’ लागू कर दी है, ताकि आर्थिक बोझ के कारण किसी का इलाज न रुके।
नारी शक्ति और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना हमारी सरकार का मुख्य ध्येय है। आज मुझे गर्व है कि प्रदेश की 1 करोड़ बहनें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं और हमने अब इसे 3 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर 25 हजार नई दीदियों को जोड़ा जाएगा। उत्तर प्रदेश अब तक 30 लाख ‘लखपति दीदी’ बना चुका है और हमारा अगला लक्ष्य 1 करोड़ महिलाओं को इस श्रेणी में लाना है।

महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए खाद्य प्रसंस्करण विभाग एक विशेष योजना लेकर आया है। यदि कोई महिला 5 करोड़ रुपये की यूनिट स्थापित करती है, तो उसे 35% सब्सिडी और सोलर प्लांट लगाने पर 90% तक की भारी सब्सिडी दी जाएगी। सरकार न केवल अनुदान देगी और बैंक से ऋण दिलाएगी, बल्कि आपके द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री (Marketing) में भी पूरा सहयोग करेगी। हम युवाओं के लिए भी खाद्य प्रसंस्करण विभाग यूनिट लगाने में हर संभव मदद को तैयार है।
एक समय था जब कौशाम्बी अपनी पहचान खो रहा था, लेकिन अब कौशाम्बी पलायन के लिए नहीं, बल्कि रोजगार प्रदाता (Employment Hub) के रूप में जाना जाएगा। पिछली सरकारों में बिजली की भारी किल्लत थी, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। आज हर परिवार बिजली की समस्या से मुक्त है; पहले बिजली आती नहीं थी, और अब बिजली जाती नहीं है। हम एक ऐसे सशक्त प्रदेश का निर्माण कर रहे हैं जहाँ हर हाथ को काम और हर सिर पर छत हो।
*उपमुख्यमंत्री जी ने कहा,* “ये केंद्र आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने वाले ‘ग्रोथ इंजन’ साबित होंगे, जिससे न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि हमारी स्वयं सहायता समूह की दीदियाँ और युवा उद्यमी वैश्विक बाजार से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।”
– जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ: वितरण कार्यक्रम
– उद्घाटन के पश्चात उपमुख्यमंत्री जी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया और उन्हें सहायता किट एवं प्रमाण पत्र वितरित किए:
– आर्थिक सशक्तिकरण: विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति चेक वितरित किए गए।
– अपना घर, अपनी पहचान: प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को उनके सपनों के आवास की चाभियाँ सौंपी गईं।
– उन्नत कृषि: कृषि विभाग की ओर से किसानों को आधुनिक उपकरणों और कृषि यंत्रों की चाभियाँ प्रदान की गईं, ताकि खेती को सुगम बनाया जा सके।
– सामाजिक सुरक्षा: पात्र व्यक्तियों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रकाशित पत्र (स्वीकृति पत्र) वितरित किए गए।
– नारी शक्ति और दिव्यांगजनों का सम्मान
– उपमुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पर स्वयं सहायता समूहों (SHG) द्वारा लगाए गए स्टालों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने ‘बीसी सखी’ और समूह की महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए:
– समूह की दीदियों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु दुकानों का आवंटन किया।
– दिव्यांगजनों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए उन्हें सहायक उपकरण एवं ट्राई-साइकिल वितरित कीं।
– प्रधानमंत्री जी का कहना है कि न खाऊॅगा, न खाने दूँगा और जिसने खाया उसका निकाल कर देश के विकास में लगा दूँगा।
*उन्होंने स्पष्ट किया कि*: भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा में हुई व्यापक अनियमितताओं और लगभग 12 लाख करोड़ के घोटाले की शिकायतों के बाद अब ‘जी-राम-जी’ योजना को प्राथमिकता दी जा रही है।
• निरंतरता: जब तक ‘जी-राम-जी’ पूर्ण रूप से प्रभावी नहीं हो जाती, तब तक मनरेगा कार्य जारी रहेगा।
• गारंटी: नई योजना के तहत 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी और मजदूरी सीधे DBT के माध्यम से खातों में भेजी जाएगी।
• जवाबदेही: यदि मजदूर को समय पर भुगतान नहीं मिलता, तो उसे विलंब की अवधि का ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा।
मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश “अंत्योदय” के संकल्प को पूरा कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि डबल इंजन की सरकार का लक्ष्य कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना है।

*अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश:-*
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने कौशाम्बी जनपद में विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि 2026 के अंत तक जिले के प्रत्येक गाँव के हर घर में ‘नल से जल’ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। बुनियादी ढांचे पर जोर देते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि ग्रामीण मार्गों को इतना चौड़ा किया जाए जिससे वाहनों के आवागमन में कोई बाधा न हो। साथ ही, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सशक्त बनाने की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई है। जनसंवाद को बढ़ावा देने के लिए तय किया गया है कि प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपाल का आयोजन होगा, जिसकी सूचना ग्रामीणों को ‘डुगडुगी’ बजवाकर दी जाएगी। इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के साथ सामंजस्य स्थापित कर जनता को सरकारी योजनाओं की सीधी जानकारी दी जाएगी।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शासन के वरिष्ठ अधिकारी और भारी संख्या में लाभार्थी एवं क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।

