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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ली मुख्य विकास अधिकारी समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिये निर्देश विदेशों में विक्रय हों प्रदेश में उत्‍पादित सामग्री

लखनऊ : लखनऊ में योजना भवन स्थित कक्ष संख्‍या 111 में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में समस्‍त मुख्‍य विकास अधिकारी के साथ खाद्य प्रसंस्करण, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग एवं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में महिला सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन, स्वावलंबन तथा आजीविका सृजन से जुड़े प्रमुख विषयों पर गहन चर्चा की गई। श्रेष्‍ठ कार्य योजित करने वाले अधिकारियों को प्रोत्‍साहित किया गया।

मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘विकसित भारत @2047’ का संकल्प वाकई एक बहुत ही महत्वाकांक्षी और प्रेरणादायक लक्ष्य है। आजादी के 100वें वर्ष तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना और गरीबी को पूरी तरह समाप्त करना न केवल आर्थिक प्रगति का प्रतीक होगा, बल्कि यह हर भारतीय के जीवन स्तर में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश में 01 करोड़ लखपति दीदी एवं 03 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने की रणनीति की समीक्षा की। साथ ही ग्रामीण एवं शहरी गरीब परिवारों को समूहों से जोड़ने की प्रगति पर विशेष बल दिया।

• एनआरएलएम समर्थित फंड प्रोजेक्ट्स की प्रगति, SHG, VO एवं CLF के माध्यम से निधि पर डिस्बर्समेंट, बैंक क्रेडिट लिंकेज प्राप्ति एवं NPA की स्थिति की समीक्षा की गई।

• स्वयं सहायता समूहों के खातों को खोलने, एसएचजी की लोकल ऐप पर प्रोफाइल एंट्री, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की प्रगति एवं नियमित ट्रांजेक्शन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।

• लखपति कार्यक्रम की प्रगति, डिजिटल आजीविका रजिस्टर एवं आय की प्रविष्टि, बिजनेस प्लान/एंटरप्राइज प्लान की स्थिति तथा डीपीएमसी एवं बीपीएमसी बैठकों की नियमितता की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखपति दीदी योजना प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध हो रही है। 10 हजार एफपीओ के लक्ष्य के सापेक्ष एफपीओ, लेखाकार, एफपीओ लाइसेंस एवं ट्रेडिंग एक्टिविटी, तथा एफपीओ एवं ई-नाम (e-NAM) के माध्यम से किसानों को बाजार से जोड़ने की प्रगति पर भी विचार-विमर्श किया गया।

• अतिरिक्त मॉडल सीएलएफ के अंतर्गत पंजीकरण, नवीनकरण एवं मानव संसाधन की स्थिति, इंटरनल कम्युनिटी ऑडिटर चयन (सीएजी, वीओ, सीएलएफ) तथा इंटरनल/एक्सटर्नल ऑडिट की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

• AI का उपयोग उत्पादकता बढ़ाने में किया जा रहा है।

• स्वयं सहायता समूहों हेतु जनपद स्‍तर पर 8 लाख रूपये तक के कमर्शियल वाहन का प्रस्‍ताव दिया जाता हैा

• जनपदों में सरकारी स्‍कूलों, सरकारी कार्यालय, तीर्थ स्‍थलों में स्वयं सहायता समूहों की कैंटीन खुलवाने का प्रबन्‍ध कराया जाए।

• सरकारी स्‍कूल के बच्‍चों की यूनीफार्म की सिलाई के कार्य लिए स्वयं सहायता समूहों से जोडा जाए।

• प्रत्‍येक ब्‍लाक स्‍तर पर स्वयं सहायता समूहों को दुग्‍ध व्‍यवसाय से जोडा जाए ।

• जनपद स्‍तर पर श्रेष्‍ठ कार्य कर रहे समूहों को प्रोत्‍साहित करें ।

 

प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूहों (SHG) को वित्तीय रूप से मजबूत करने के लिए संचालित रिवॉल्विंग फंड (RF), सामुदायिक निवेश कोष (CIF) एवं बैंक क्रेडिट लिंकज (CCL) व्यवस्थाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

1. रिवॉल्विंग फंड (RF)

रिवॉल्विंग फंड एक अनुदान (Grant) आधारित सहायता है, जो स्वयं सहायता समूह के गठन के 3 माह बाद प्रदान की जाती है।

इसका प्रमुख उद्देश्य समूह की महिलाओं की छोटी-छोटी आवश्यकताओं की पूर्ति करना है, जिससे वे आपसी सहयोग के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत कर सकें और समूह को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

2. सामुदायिक निवेश कोष (CIF)

सामुदायिक निवेश कोष का वितरण समूह गठन के 6 माह बाद किया जाता है। यह राशि CLF/Nodal VO के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध कराई जाती है।

CIF का उद्देश्य महिलाओं को आय-उत्पादक आजीविका गतिविधियों से जोड़ना, स्वरोजगार को बढ़ावा देना तथा आर्थिक स्थायित्व प्रदान करना है।

3. SHG बैंक लिंकज एवं कैश क्रेडिट लिमिट (CCL)

स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने हेतु SHG बैंक लिंकज की सुविधा प्रदान की जाती है।

SHG बैंक लिंकज की शुरुआत गठन के 6 माह बाद होती है।

बैंकों के माध्यम से आय-उत्पादक गतिविधियों हेतु ऋण की सीमा 5 किश्तों में उपलब्ध कराया जाता है। इसी प्रकार अधिकतम ₹20,00,000 तक कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) की सुविधा प्रदान की जाती है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि “महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।

उप मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बैंकिंग समन्वय को और अधिक सुदृढ़ किया जाए ताकि महिलाओं को समयबद्ध एवं सहज वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सके।

भारत और यूरोपीय संघ के मध्‍य व्‍यापार समझौते को लेकर कहा कि हम प्रदेश स्‍तर पर इस तरह का प्रयास करें कि प्रदेश के उत्‍पादनों को विदेश में गुणवत्‍ता के आधार पर चयनित हों जिससे प्रदेश का आर्थिक लाभ हो।

राज्यमंत्री लक्ष्मी गौतम, अपर मुख्य सचिव, खाद्य प्रसंस्करण एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन निदेशक दीपा रंजन , प्रदेश के समस्त जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी एवं अन्य उच्चाधिकारीगण बैठक में उपस्थित रहे।

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