उत्तराखंड

प्रधानमंत्री मोदी और वित्तमंत्री को ‘विकसित भारत’ की दिशा में मजबूत बजट के लिए धन्यवाद – उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य

प्रयागराज : सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे ‘ऐतिहासिक और सर्वस्पर्शी’ बताया, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री को ‘विकसित भारत’ की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए धन्यवाद दिया।

मौर्य ने प्रेस वार्ता प्रारंभ करते हुए कहा की टियर-2 और टियर-3 शहरों में ‘कॉर्पोरेट मित्र’ और कौशल केंद्रों के माध्यम से हमारे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार लाखों नए अवसर पैदा होंगे । मनोरंजन जगत में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में ‘AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ स्थापित की जाएंगी। साथ ही, अगले 5 वर्षों में 1 लाख स्वास्थ्य पेशेवरों को तैयार करने और स्किलिंग के लिए पांच नए ‘विश्वविद्यालय नगर-समूह’ विकसित करने की योजना है। सिटी इकोनॉमिक रीजन्स (CERs) में ₹5,000 करोड़ का आवंटन किया गया है। बुजुर्गों की चिकित्सा और संबद्ध देखभाल सेवाओं हेतु 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।

*राजकोषीय घाटे पर अंकुश*

मौर्य ने कहा कि जीडीपी के 4.3% के राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) का लक्ष्य निर्धारित कर सरकार ने कर्ज को नियंत्रित रखने की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं, ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की गति को बरकरार रखते हुए सरकार ने 350 से अधिक सुधारों को लागू करने का खाका खींचा है, जिससे व्यापार में सुगमता और जीवन में सरलता सुनिश्चित होगी साथ ही आर्थिक अनुशासन और विकास के बीच बेहतरीन संतुलन बनाये रखने का प्रयास किया है।

*मध्यम वर्ग को राहत: आयकर और स्वास्थ्य सेवाओं पर छूट*
मौर्य ने बताया की करदाताओं के लिए सरकार ने ‘विवाद से विश्वास’ के मंत्र को आगे बढ़ाते हुए कर प्रक्रियाओं को बेहद सरल बना दिया है। नए आईटीआर फॉर्म और नियमों के जरिए अनुपालन का बोझ कम किया गया है। गंभीर बीमारियों, विशेषकर कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए सरकार ने बड़ी राहत देते हुए 17 दवाओं पर सीमा शुल्क समाप्त कर दिया है। इसके अलावा, विदेश में शिक्षा और इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसे (LRS) पर टीसीएस की दर 5% से घटाकर 2% करने का ऐतिहासिक प्रस्ताव दिया गया है, जो सीधे तौर पर मध्यम वर्ग को सीधे राहत मिलेगी।

*किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था*

उप मुख्यमंत्री ने बताया की केंद्र सरकार अन्नदाताओं की आय बढ़ाने के लिए सरकार नारियल, काजू, तिलहन और कोको जैसे उच्च मूल्य वाली फसलों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कृषि क्षेत्र में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ‘भारत-विस्तार’ नामक बहुभाषी एआई टूल लॉन्च किया जाएगा, जो किसानों को सटीक जानकारी देगा। पशुपालन क्षेत्र में सुधार के लिए 20,000 पशु चिकित्सा पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ाने और निजी क्षेत्र में पशु चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना हेतु ऋण सहायता का प्रावधान किया गया है।

*इंफ्रास्ट्रक्चर में ₹12.2 लाख करोड़ का भारी निवेश*

केंद्र सरकार देश की बुनियादी संरचना को वैश्विक स्तर पर पहुँचाने के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया गया है। वाराणसी-पटना में जहाज मरम्मत केंद्र और देश के प्रमुख शहरों के बीच 7 नए ‘ग्रोथ-कनेक्टर’ हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (जैसे दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे) विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही ‘पूर्वोदय’ मिशन के तहत बिहार, ओडिशा और झारखंड जैसे पूर्वी राज्यों को देश की वृद्धि का इंजन बनाने के लिए औद्योगिक गलियारों और ई-बसों का जाल बिछाया जाएगा।

*मेक इन इंडिया 2.0: सेमीकंडक्टर और बायोफार्मा पर जोर*

भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए ‘मेक इन इंडिया 2.0’ का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। अगले 5 वर्षों में बायोफार्मा सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ के निवेश के साथ ‘Biopharma SHAKTI’ योजना शुरू होगी, जिससे हाई-क्वालिटी आरएंडडी (R&D) जॉब्स मिलेंगे । इसके साथ ही इंडियन सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट स्कीम के लिए ₹40,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो देश को तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा।

*MSME को पंख और नए स्टार्टअप्स को सहारा*

उन्होंने बताया कि ग्रामीण उद्यमिता को सशक्त बनाने के लिए ₹10,000 करोड़ का ‘SME Growth Fund’ और ₹2,000 करोड़ का ‘Self-Reliant India Fund’ टॉप-अप घोषित किया गया है । इसके अलावा, ‘कॉर्पोरेट मित्रास’ के जरिए छोटे शहरों के उद्यमियों के लिए अनुपालन लागत (Compliance Cost) को कम किया जाएगा, खाद्य प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी ।
साथ ही महिला सशक्तिकरण की दिशा में SHE-Marts और लखपति दीदी जैसी पहलों का विस्तार किया गया है, जिसका लक्ष्य 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ना है।

*AI से मिलेगी विकास को गति*
मौर्य ने कहा कि बजट में स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए डीप-टेक, AI और मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी गई है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के अंतर्गत डिजाइन, फैब्रिकेशन और पैकेजिंग को बढ़ावा दिया गया है, जिसमें अनुमानित सार्वजनिक समर्थन ₹40,000 करोड़ से अधिक है। इसके साथ ही Carbon Capture, Utilisation & Storage (CCUS) के लिए ₹20,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा की “राष्ट्रवाद की शक्ति और धर्म के संस्कारों का अद्भुत संगम हैं मोदी, गरीबों के उत्थान और देश के नव-निर्माण के लिए समर्पित हैं मोदी।”

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