उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में भावुक हुईं गीता धामी, सास की त्याग, समर्पण और शक्ति की मिसाल का ज़िक्र करते हुए छलके आंखों से आंस
देहरादून: उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन समारोह में वह क्षण हर किसी के दिल को छू गया, जब गीता धामी जी अपने जीवनसाथी के संघर्ष, परिश्रम और जनता के प्रति उनके अटूट समर्पण को याद करते हुए भावुक हो उठीं। उनकी आंखों से निकले आंसू सिर्फ एक पत्नी की संवेदना नहीं थे, बल्कि उस तपस्या के साक्षी थे जो एक परिवार राज्य की सेवा के लिए करता है।
गीता धामी जी ने जिस गरिमा, सादगी और मजबूती के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का साथ निभाया है, वह उन्हें उत्तराखंड की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनाता है। उन्होंने दिखाया कि एक मजबूत परिवार ही एक मजबूत नेतृत्व की नींव होता है।
उनकी वाणी में प्रेम था, गर्व था, और उत्तराखंड की जनता के लिए समर्पण की भावना थी। यह पल बताता है कि धामी जी की ताकत सिर्फ उनकी नीतियां नहीं, बल्कि उनके पीछे खड़ी उनकी जीवनसंगिनी का विश्वास भी है।

