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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, आम जनता की शिकायतों का निस्तारण 48 घंटे में किया जाए सुनिश्चित 

लखनऊ / उत्तर प्रदेश : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के स्पष्ट एवं कड़े निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (यूपीआरआरडीए) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अंकुर कौशिक द्वारा प्रदेश भर में संचालित ग्रामीण सड़क परियोजनाओं की सतत निगरानी की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चल रहे सड़क निर्माण एवं अनुरक्षण कार्यों को गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप तथा निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए ठेकेदारों पर निरंतर दबाव बनाया जा रहा है।

प्रमुख निर्देश और रणनीतियां:

• समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करें: उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जो सड़कें वर्तमान में निर्माणाधीन हैं या जिनके नवीनीकरण का कार्य लंबित है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
• गुणवत्ता मानक (Quality Check): सड़कों के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की रैंडम चेकिंग की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर मानक से कम गुणवत्ता पाई गई, तो संबंधित अधिशासी अभियंता और ठेकेदार के विरुद्ध तत्काल ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई होगी।
• गड्ढा मुक्ति: क्षतिग्रस्त सड़कों को चिह्नित कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि “सड़कें केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर सुगम दिखनी चाहिए।”
• तकनीकी निगरानी: कार्यों की पारदर्शिता के लिए जियो-टैगिंग और फोटोग्राफी का उपयोग अनिवार्य किया गया है ताकि कार्य की प्रगति की वास्तविक निगरानी की जा सके।
• जनता की भागीदारी: उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण सड़कों के संबंध में आम जनता से मिलने वाली शिकायतों का निस्तारण 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

उप मुख्यमंत्री के उपर्युक्त आदेशों के क्रम में मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री अंकुर कौशिक द्वारा नियमित समीक्षा बैठकों, स्थल निरीक्षण एवं प्रगति रिपोर्ट के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए। जिन ठेकेदारों द्वारा कार्य में अनावश्यक विलंब या गुणवत्ता में कमी पाई जा रही है, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही समय से पूर्व या निर्धारित अवधि में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने वाले ठेकेदारों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का स्पष्ट निर्देश है कि ग्रामीण सड़कें केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी मजबूती, टिकाऊपन और दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित हो। इसी क्रम में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों का अनुपालन तथा कार्य की पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि आमजन को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो और सड़क निर्माण के लाभ सीधे ग्रामीण जनता तक पहुंचे। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप “विकसित ग्राम–विकसित प्रदेश” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में यह प्रयास निरंतर जारी है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ग्रामीण सड़कों के कायाकल्प से प्रदेश के गांवों को बेहतर संपर्क, आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि और समग्र विकास का लाभ मिल रहा है।

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