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बाबा पीर रतन नाथ जी के सिद्ध स्थल पर कार्रवाई, श्रद्धालुओं में आक्रोश

दिल्ली : दिल्ली के झंडेवालान इलाके में स्थित एक ऐतिहासिक मंदिर—बाबा पीर रतन नाथ महाराज जी का सिद्ध स्थल—वर्षों से श्रद्धालुओं का आस्था का केंद्र रहा है।

समय के साथ, इस स्थान पर एक छोटा आश्रम और मंदिर विकसित हुआ, जहाँ पीढ़ियों से पूजा, दीप जलाना और भंडारे की परंपरा चली आ रही है।

यह स्थल सिर्फ धार्मिक महत्व का केंद्र नहीं है, बल्कि इस इलाके की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का हिस्सा भी माना जाता है।

29 नवंबर को MCD की टीम, पुलिस बल और बुलडोज़र के साथ इस क्षेत्र में पहुंची।कार्रवाई के दौरान मंदिर का एक हिस्सा तोड़ दिया गया।हालांकि मुख्य मंदिर अभी भी खड़ा है और पूजा जारी है, लेकिन जिस हिस्से को तोड़ा गया, वह वर्षों से संरक्षित और पवित्र माना जाता था।

स्थानीय लोग कहते हैं कि उन्हें किसी नोटिस या पूर्व सूचना नहीं दी गई। कुछ श्रद्धालु आरोप लगा रहे हैं कि इस कार्रवाई का उद्देश्य मंदिर के पास निर्माण या अन्य प्रोजेक्ट के लिए जगह बनाना हो सकता है।

वहीं MCD का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध और जर्जर निर्माण हटाने के अभियान का हिस्सा थी और मंदिर को पूरी तरह से नहीं छुआ गया।

भक्तों का कहना है कि मंदिर का टूटा हुआ हिस्सा सिर्फ दीवार नहीं था। यह पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा, धार्मिक आस्था और समुदाय की यादों का प्रतीक था।अधूरा हिस्सा देख कर लोगों के बीच आस्था पर चोट पहुंची है।

फिलहाल मंदिर अभी भी कार्यरत है, लेकिन स्थानीय लोग इसकी मरम्मत और संरक्षण की मांग कर रहे हैं।

इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि धार्मिक स्थलों के संवेदनशील हिस्सों पर कार्रवाई करते समय समुदाय और इतिहास का सम्मान करना अत्यंत आवश्यक है।

इस प्रकार, झंडेवालान का यह स्थल न केवल मंदिर है, बल्कि स्थानीय लोगों की आस्था, उनकी परंपरा और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक भी है। उसका संरक्षित रहना और सही तरीके से संरक्षण होना सभी के लिए महत्वपूर्ण है।

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