उत्तराखंड

रक्षाबंधन पर मातृशक्ति के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, मातृशक्ति ने बांधा रक्षा सूत्र, दिया आशीर्वाद

देहरादून : रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित दो कार्यक्रमों में पहुंचकर मातृशक्ति के साथ पर्व मनाया। जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म और हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के स्नेह और आशीर्वाद के प्रति आभार जताते हुए 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सौगात देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास, समर्पण और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है। यह पर्व नारी सम्मान और जिम्मेदारियों की याद भी दिलाता है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। महिला सशक्त होती है तो उसका लाभ केवल परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा समाज और राष्ट्र आगे बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने संघर्ष को अपनी शक्ति बनाया है और परिवार, समाज तथा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं।

केंद्र की योजनाओं से महिलाओं को मिला सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और लखपति दीदी अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। महिला आरक्षण, शौचालय निर्माण और तीन तलाक के खिलाफ कानून को भी उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

5 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में करीब 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। प्रदेश में सात हजार से अधिक ग्राम संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठन भी महिला नेतृत्व और सामूहिक शक्ति के उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। समान नागरिक संहिता के माध्यम से भी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया गया है।

34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का काम किया है। भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कठोर व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर अवसर मिलें।

बोले- मुख्यमंत्री नहीं, भाई बनकर आया हूं

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के कार्यक्रम में वह मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में बहनों के बीच आए हैं। उन्होंने महिलाओं से कहा कि प्रदेश की किसी भी बहन या बेटी को परेशानी हो तो वह अपनी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती है। उन्होंने हरसंभव समाधान का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह भाई होने के अपने दायित्व को निभाने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा उत्तराखंड बनाने के लिए काम कर रही है जहां बेटियां सुरक्षित हों, महिलाएं आत्मनिर्भर हों, माताएं सम्मान के साथ जीवन बिताएं और युवा अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त रहें।

चौधरी फार्म में आयोजित कार्यक्रम में आयोजक जोगिंदर सिंह पुंडीर, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। वहीं सर्वे स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *