जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए निर्देश
पिथौरागढ़ : भारत सरकार की महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग कर अपने-अपने विभागों की कार्ययोजनाएं एवं प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

बैठक में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित सीमांत गांवों में सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, दूरसंचार, पर्यटन, आजीविका संवर्धन, कृषि, उद्यान, पशुपालन तथा अन्य आधारभूत अवस्थापना से संबंधित विकास कार्यों के लिए तैयार किए गए प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावित योजनाओं का अवलोकन किया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उद्देश्य सीमांत गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए वहां के निवासियों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाना है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के अंतर्गत प्रस्तावित योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विभागवार कार्ययोजनाएं तैयार कर समयबद्ध रूप से प्रस्तुत की जाएं।

उन्होंने सीमांत गांवों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों के सृजन, स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन एवं विपणन, महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण, पर्यटन गतिविधियों के विस्तार तथा युवाओं के कौशल विकास पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक योजनाओं के प्रस्ताव इन्हीं प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जाएं तथा ऐसे प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाए, जो सीमांत क्षेत्रों के समग्र, सतत एवं दीर्घकालिक विकास में प्रभावी योगदान दे सकें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, मुख्य उपचिकित्साधिकारी डॉ प्रशान्त कौशिक सहित लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण निर्माण विभाग, जल संस्थान, जल निगम, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यान, कृषि, पशुपालन, पर्यटन, पंचायतीराज, ग्राम्य विकास तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

