Friday, June 19, 2026
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उत्तराखंड

भाषा विभाग मंत्री खजान दास ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक , दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

देहरादून : प्रदेश के भाषा विभाग के मंत्री खजान दास ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभाग के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में मंत्री ने कहा कि भाषा विभाग राजभाषा हिन्दी के साथ-साथ उत्तराखण्ड की क्षेत्रीय बोलियों के विकास तथा उर्दू और पंजाबी भाषाओं के संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि प्राचीन साहित्य को संरक्षित रखते हुए इन भाषाओं को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित और व्यापक रूप से प्रचलित बनाने के लिए और बेहतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि विभाग को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच के अनुरूप नवाचार पर विशेष बल देना चाहिए तथा प्रदेश के युवा और बाल साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की जानी चाहिए।

मंत्री ने कहा कि भाषा विभाग की गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए विभागीय बजट में वृद्धि आवश्यक है। इसके लिए अधिकारियों को उत्तराखण्ड भाषा विभाग के ढांचे को मजबूत करने, प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन, भाषा अध्ययन केन्द्रों की स्थापना, पुस्तक मेलों के आयोजन, साहित्य ग्राम की स्थापना, साहित्य कल्याण कोष और बुजुर्ग साहित्यकारों को पेंशन योजना से आच्छादित करने के लिए बजट प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी कहा कि गढ़वाल, कुमाऊँ और जौनसार-बावर क्षेत्र में विभिन्न अवसरों पर होने वाले पौराणिक गायनों का अभिलेखीकरण और दस्तावेजीकरण अत्यंत आवश्यक है। विशेष रूप से जौनसार-बावर क्षेत्र में पौराणिक काल से प्रचलित ‘पंडवाणी गायन बाकणा’ जो विलुप्ति के कगार पर है, सहित गढ़वाल और कुमाऊँ में प्रचलित पौराणिक गायनों को संरक्षित करने के लिए संबंधित क्षेत्रों में आयोजित मेलों और कार्यक्रमों में जाकर स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि दीर्घकालीन साहित्यिक योगदान और साहित्य सेवा के लिए दिया जाने वाला दीर्घकालीन साहित्यसेवी सम्मान अधिक से अधिक पात्र साहित्यकारों को प्रदान किया जाना चाहिए। साथ ही भाषा संस्थान की साधारण सभा के गठन के लिए जिन जनपदों से जिलाधिकारियों द्वारा साहित्यकारों के नाम अभी तक नहीं भेजे गए हैं, उनसे पुनः पत्राचार कर नाम उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में भाषा विभाग के सचिव उमेश नारायण पाण्डेय, अपर सचिव मायावती डकरियाल, निदेशक जसविन्दर कौर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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